मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह/निकाह सम्मेलन में 326 जोड़ों के विवाह संपन्न हुये
जनप्रतिनिधियों ने वर-वधुओं को दिया शुभाशीष
CURATED BY – DHEERAJ KUMAR AHIRWAL | CITYCHIEFNEWS
दमोह, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत गरीब कन्याओं का विवाह करवाने का काम प्रदेश सरकार कर रही है। प्रदेश सरकार गरीबों का हित चाहने वाली सरकार है। प्रदेश सरकार निरंतर महिला सशक्तिकरण के लिए काम कर रही है और निरंतर विवाह सम्मेलनों के माध्यम से गरीब कन्याओं के विवाह करवाने का काम किया जा रहा हैं। मैं विधायक उमादेवी खटीक जी को बहुत-बहुत बधाई देता हूं उन्होंने बहुत अच्छा मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना का यह सम्मेलन करवाया है, निश्चित रूप से यह सम्मेलन वरदान सिद्ध होगा। इस आशय के विचार प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने हटा कृषि उपज मण्डी में आयोजित मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत कन्या विवाह/निकाह सम्मेलन में व्यक्त किये।
राज्यमंत्री ने कहा 14 जुलाई को तेंदूखेड़ा में 1971 जोड़ों के विवाह संपन्न करवाये गये है, विधायक जयंत मलैया के नेतृत्व में दमोह में लगभग 617 से अधिक जोड़ों के विवाह संपन्न हुए और यहां भी लगभग 326 कन्याओं के विवाह करवाने का कार्यक्रम किया गया है।
दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा आज दमोह संसदीय क्षेत्र के हटा विधानसभा में अंतिम सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया गया है। दमोह विधानसभा का सामूहिक विवाह सम्मेलन भी संपन्न हुआ । दमोह संसदीय क्षेत्र के पूरे आठों विधानसभाओं का जोड़ करूं तो इस बार करीब 5000 से भी ज्यादा पुण्य विवाह मंत्रियों और विधायकों के नेतृत्व में किए गए हैं। मैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी का साधुवाद करता हूं, जिनकी दूरगामी सोच से और भारतीय जनता पार्टी की अंत्योदय की सोच से हम लोग निरंतर काम कर रहे हैं, इसका उद्देश्य केवल यह है कि कोई भी पिछड़ा, कोई भी गरीब व्यक्ति शादी के खर्चों के अभाव में आकर कर्ज में ना डूब जाए इसलिए यह प्रदेश सरकार की सोच है कि किसी भी वर्ग का व्यक्ति हो, किसी भी वर्ग की बेटी हो सभी के विवाह ऐसे हो जैसे बड़े परिवार के बच्चों के विवाह होते हैं, इसी अंत्योदय की भावना को लेकर सरकार निरंतर काम कर रही है।
हटा विधायक उमादेवी खटीक ने कहा हटा धन्य है प्रदेश सरकार जो अंतिम छोर के व्यक्तियों के लिए, उनकी आर्थिक व्यवस्था के सुधार के लिए, आत्मनिर्भर बनाने के लिए बहुत सी योजनाएं चला रही है, जिसमें मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह/निकाह योजना भी बहुत महत्वपूर्ण योजना है और कन्यादान करना भी बहुत महत्वपूर्ण कार्य है। विधानसभा में शासन के मंशानुरूप मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह/निकाह सम्मेलन में 326 जोड़ों का विवाह बहुत ही सफलता पूर्वक संपन्न हुये है, वर-वधुओं को और उनके अभिभावकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो इसके प्रयास किये गये है। उन्होंने कहा हम स्वयं देख रहे हैं, स्वयं वर-वधुओं के पालक बने हैं। आज हृदय हर्ष से गर्वित भी है और दुख में भी है, 326 बच्चियों के विवाह करके माँ के समान विदा कर रहे हैं। इस नाते जिन बेटियों का कन्यादान किया है, उन बेटियों को संदेश देना चाहती हूं, कि अपने परिवार में निभाकर चलना, क्योंकि बेटियां दोनों कुल की होती हैं और दोनों कुलों की लाज रखते हुए निभायेंगी ऐसा मुझे विश्वास है। उन्होंने वर पक्ष को भी संदेश दिया है कि अपना परिवार लेकर चलें। विधायक खटीक ने सभी को सुखी, संपन्न और समृद्ध रहने की बहुत-बहुत शुभकामनाएं दी।
म.प्र. पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि सरकार गरीबो की चिंता कर कन्याओं को अपनी बेटी मानती हैं, इसी कारण बेटी-बचाओ, बेटी-पढ़ाओ का नारा देकर योजनाओं को ला रही हैं।
पूर्व वित्त मंत्री एवं दमोह विधायक जयंत मलैया ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार बेटियों को आत्म निर्भर बनाने की दिशा में सोच रही हैं, यही कारण है कि प्रदेश सरकार लाड़ली लक्ष्मी, योजना लेकर आई, फिर पढ़ाई के लिए गांव की बेटी से लेकर कन्यादान योजना बनाई। उन्होंने कहा लाड़ली लक्ष्मी से लेकर लाड़ली बहना योजना महिला सशक्तिकरण का मुख्य उद्देश्य है। विधायक मलैया वर-वधुओं को नव जीवन में प्रवेश करने की शुभकामनायें दी।
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रीतम सिंह लोधी ने कहा कि अंत्योदय के सपने देखने वाली पार्टी अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की चिंता कर रही हैं इसलिए हमारी सरकार एक गरीब परिवार की बेटी के विवाह की चिंता अभिभावक बनकर कर रही हैं।