नेशनल लोक अदालत में हुआ 1101 मामलों का निराकरण
06 करोड़ से अधिक के अवार्ड पारित, 1661 लोग हुए लाभान्वित
CURATED BY – BHAGWAN DAS BERAGI | CITYCHIEFNEWS
शाजापुर, मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार नेशनल लोक अदालत का आयोजन शनिवार को जिला न्यायालय शाजापुर, तहसील शुजालपुर एवं जिला न्यायालय आगर-मालवा एवं तहसील न्यायालय सुसनेर एवं नलखेड़ा में किया गया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ललित किशोर के मार्गदर्शन में सभी जगहों पर लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। विशेष न्यायाधीश मोहम्मद अजहर के द्वारा विभिन्न विभागों के स्टालों का भ्रमण कर अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण के लिए भरसक प्रयास करने तथा लोक अदालत के माध्यम से सुखद परिणामों के लिए संबंधित अधिकारियों को प्रेरित किया। साथ ही भ्रमण के दौरान आमजन की समस्याए सुनते हुए आमजन को नेशनल लोक अदालत में नगर पालिका, विद्युत विभाग, बैंक, बीएसएनएल विभाग के द्वारा छूट का लाभ लेने की समझाईश दी। लोक अदालत के दौरान दिनभर परिसर में काउंटरों पर लोगों की भीड़ रही। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 09 मार्च 2024 शनिवार को जिला एवं तहसील न्यायालय, शाजापुर एवं तहसील न्यायालय शुजालपुर में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण के लिए जिला शाजापुर एवं तहसील शुजालपुर को मिलाकर कुल 15 खण्डपीठ गठित की गई थी। इसमें करीब 825 प्रकरणों का निराकरण किया गया। करीब 04 करोड़ रुपए 10 लाख 58 हजार 920 की अवार्ड राशि पारित हुई। लोक अदालत में दीवानी, फौजदारी, पारिवारिक, चौक अनादरण, श्रम, बैंक रिकवरी आदि से संबंधित मामले भी रखे गए। जिला प्राधिकरणा शाजापुर के सचिव एवं जिला न्यायाधीश श्री राजेंद्र देवड़ा के अनुसार नेशनल लोक अदालत में जिले में 1277 प्रकरण रखे गए। इनमें से 307 प्रकरणों का निस्तारण किया तथा 03 करोड़ 26 लाख 44 हजार 108 रूपये अवार्ड राशि पारित की गई। इसमें करीब 276 प्रकरणों का निराकरण किया गया। करीब 02 करोड़ 75 लाख 8 हजार 255 रुपए की अवार्ड राशि पारित हुई। लोक अदालत में दीवानी, फौजदारी, पारिवारिक, चौक अनादरण, श्रम, बैंक रिकवरी आदि से संबंधित मामले भी रखे गए। जिला प्राधिकरण शाजापुर के सचिव एवं जिला न्यायाधीश राजेंद्र देवड़ा के अनुसार जिला आगर-मालवा अंतर्गत नेशनल लोक अदालत में जिले में 1025 प्रकरण रखे गए। इनमें से 134 प्रकरणों का निस्तारण किया तथा 51 लाख 11 हजार 627 रूपये अवार्ड राशि पारित की गई। लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन के 5004 प्रकरण रखे, जिनमें से 142 प्रकरणों का निस्तारण कर 01 करोड़ 56 लाख 46 हजार 628 रुपए के अवार्ड पारित किए। वहीं मामलों के निराकरण के लिए गठित खण्डपीठ क्रमांक 03 के पीठासीन अधिकरी सुनयना श्रीवास्तव के समक्ष मामले में पति द्वारा रोज-रोज शराब पीकर मार-पीठ, गाली ग्लोच को लेकर पति-पत्नि के मध्य चल रहे मामले में पीडित महिला एवं उनके पति को न्यायालय, अभिभाषक इकरार मन्सूरी व पंकज जाधव के अथक प्रयास से समझाईश देकर राजीनामा कराया। जिसमें पहली ही सुनवाई पर फरियादिया को न्यायाधीश एवं अधिवक्ता ने सुलहवार्ता के लिए प्रेरित किया। जिसके परिणाम स्वरूप उनके मध्य चल रहे मनमुटाव को समाप्त कर घर में हंसी-खुशी से जीवन व्यतित करने के प्रेरित किया। नेशनल लोक अदालत में राजीनामें के इस अवसर पर दोनों ने एक दूसरे को न्यायाधीश के समक्ष माला पहनाई ओर आर्शीवाद लेकर खुशी-खुशी घर को रवाना हुए। पीठासीन अधिकारी द्वारा पुनः विवाद नहीं करने की समझाईश भी दी। इसी प्रकार घरेलू हिंसा के मामलों के निराकरण के लिए गठित खण्डपीठ क्रमांक 07 के पीठासीन अधिकरी डॉ. स्वाती चौहान ने भी पति-पत्नि के मध्य चल रहे कई प्रकरणों में घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं उनके पति व नातेदारों को समझाईश देकर राजीनामा कराया।